लोकपाल संस्था

परिचय-
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा लिया गया फैसला,इसी समिति द्वारा अन्य सदस्यों का किया जायेगा चयन।
लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के तहत लोकपाल की नियुक्ति का प्रावधान है।

क्या है लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013-
उद्देश्य- केन्द्र और राज्यों के स्तर पर देश के लिये एक निगरानी और भ्रष्टाचार विरोधी रोडमैप तैयार करना।

★इसके तहत केन्द्र में लोकपाल राज्यों में लोकायुक्त की स्थापना करने का प्रावधान है।

★लोकपाल संस्था में एक अध्यक्ष और अधिकतम 8सदस्य हो सकते हैं।

★चयन समितियों द्वारा नियुक्ति की जिती है, जिसमें प्रधानमंत्री,लोकसभा का अध्यक्ष,लोकसभा में विपक्ष का नेता,भारत के प्रमुख न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित कोई सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और कोई प्रतिष्ठित न्यायवेत्ता होते हैं।

★चयन समिति के सिफारिसों पर राष्ट्रपति द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाती है।

★पद धारण करने की तिथि से 5 वर्ष तक या 70 वर्ष की उम्र(जो भी पहले हो) तक इनका कार्यकाल होता है।

★लोकपाल अध्यक्ष के वेतन ,भत्ते,सेवा शर्तें भारत के मुख्य न्यायाधीश के समान जबकि अन्य सदस्यों की सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के समान होंगे।

★लोकपाल के 50%सदस्य न्यायिक सेवा,एस सी,एस टी,ओबीसी,अल्पसंख्यक वर्ग और 50% अन्य सदस्य होंगे।

लोकपाल की पृष्ठभूमि-

दुनिया में नागरिकों की शिकायतों की जांच के लिए सबसे पुरानी संस्था स्कैण्डोनिवियन देशों की है,जिसका नाम है ओमबुड्स मैन यहीं से आया है लोकपाल का विचार।

★भारत में 1960 के दशक में सबसे पहले लोकपाल संस्था का आया था विचार ।

★1966 में मोरारजी देसाई की अध्यक्षता वाले प ले भारतीय प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिस पर दो स्तरीय  अर्थात दो विशेष प्राधिकारियों लोकपाल और लोकायुक्त की हुई थी नियुक्ति।

★भारत में पहला लोकपाल बिल चौथी लोकसभा में 1968 में पेश किया गया था, 1971-2011 तक लोकपाल बिल को 9 बार पेश किया गया था।

अन्य तथ्य-

★सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वर्तमान सदस्य पिनाकी चन्द्र घोष लोकपाल के अध्यक्ष हैं।

★लोकपाल  शब्द का अर्थ है लोगों का रक्षक

★सार्वजनिक कार्यालयों से भ्रष्टाचार को खत्म करना इसका उद्देश्य है।

★इसके अंतर्गत -प्रधानमंत्री ,मंत्रीमंडल सदस्य,ए,बी,सी,डी श्रेणी तथा केन्द्र सरकार के अफसर हालांकि कुछ मामलों में प्रधानमंत्री लोकपाल के क्षेत्राधिकार से परे होते हैं।

★कुछ राज्यों में 2013 के अधिनियम के पारित होने से पहले ही लोकायुक्त कार्यरत थे।

★लोकायुक्त संस्था को स्थापित करने वाला पहला राज्य महाराष्ट्र था, महाराष्ट्र लोकायुक्त और यू पी ए- लोकायुक्त अधिनियम,1971 के तहत किया गया था स्थापित।

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