I.M.F.का full form International Monetary Funds है।
★स्थापना-1945।
★सदस्य देश-189।
★मुख्यालय-वाशिंगटन डी सी।
★ब्रेटनवुड्स सम्मेलन के दौरान अस्तित्व में आया।
पृष्ठभूमि-
वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिए एक ढांचे के निर्माण के उद्देश्य से इसे लाया गया ताकि प्रतिस्पर्धी अवमूल्यन(competitive devaluation) के दोहराव को रोका जा सके,जिसने 1930 की महामंदी में योगदान दिया था।
★सदस्य देश-189।
★मुख्यालय-वाशिंगटन डी सी।
★ब्रेटनवुड्स सम्मेलन के दौरान अस्तित्व में आया।
पृष्ठभूमि-
वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिए एक ढांचे के निर्माण के उद्देश्य से इसे लाया गया ताकि प्रतिस्पर्धी अवमूल्यन(competitive devaluation) के दोहराव को रोका जा सके,जिसने 1930 की महामंदी में योगदान दिया था।
I.M.F. का उद्देश्य-
★वैश्विक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना।
★वैश्विक मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देना।
★सतत आर्थिक विकास एवं उच्च रोजगार को बढ़ावा देना।
★दुनियाभर में गरीबी को कम करने का प्रयास।
★विनिमय स्थिरता को बढ़ावा देना।
★भुगतान संतुलन की समस्या को दूर करने का प्रयास।
कार्य-
निगरानी- अंतराष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली की देखरेख करता है,जिसके अंतर्गत विनिमय दर एवं अंतराष्ट्रीय भुगतान आते हैं। सदस्य देशों की आर्थिक और वित्तीय नीतियों पर नजर रखना।
ऋण प्रदान करना- सदस्य देशों की भुगतान देय समस्याओं के लिए ऋण प्रदान करता है ताकि उनका अंतराष्ट्रीय रिजर्व पुनः तैयार हो सके साथ ही वे अपनी मुद्रा में स्थिरता ला सकें और निर्यात का अनवरत भुगतान हो सके।
क्षमता विकास- तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण द्वारा सदस्य देशों की क्षमताओं का विकास करता है ताकि आर्थिक नीतियों के नीर्माण एवं क्रियान्वयन में मदद मिर सके।
★विकास बैंकों की तरह आई.एम.एफ. विशेष प्रोजेक्टस के लिए ऋण प्रदान नहचं करता है।
आई.एम.एफ. कोष का निर्माण-
★प्रमुख स्रोत कोटा।
★सदस्य देश को मुख्यतः विश्व अर्थव्यवस्था में उसकी सापेक्ष स्थिति के आधार पर कोटे का आवंटन किया जाता है।
★सदस्य देश को अपने कोटे का 25% सोना या डालर के रुप में जमा करना होता है। कोटे का शेष भाग वह अफनी करेंसी के रुप में जमा कर सकता है।
★सदस्य राष्ट्र के कोटे में परिवर्तन उनकी अर्थव्यवस्था के अनुसार किया जाता है।
कोटे की गणना का आधार-
★जी.डी.पी.50%।
★आर्थिक खुलापन30%।
★आर्थिक परिवर्तनशीलता15%।
★अंतराष्ट्रीय रिजर्व5%।
विशेष आहरण अधिकार(Special Drawing Right)S.D.R _
★आई.एम एफ द्वारा आरंभ की गयी रिजर्व मुद्रा।
★1969में इस अधिकार को अपनाया गया।
★इसे सोना और अमेरिकी डालर की सीमाओं के मद्देनजर वैकल्पिक मुद्रा के रुप में अपनाया गया।
इसक उद्देश्य- अंतराष्ट्रीय स्तर पर तरलता बढ़ाना।
इसे paper gold भी कहा जाता है।
कोटे की गणना का आधार-
★जी.डी.पी.50%।
★आर्थिक खुलापन30%।
★आर्थिक परिवर्तनशीलता15%।
★अंतराष्ट्रीय रिजर्व5%।
विशेष आहरण अधिकार(Special Drawing Right)S.D.R _
★आई.एम एफ द्वारा आरंभ की गयी रिजर्व मुद्रा।
★1969में इस अधिकार को अपनाया गया।
★इसे सोना और अमेरिकी डालर की सीमाओं के मद्देनजर वैकल्पिक मुद्रा के रुप में अपनाया गया।
इसक उद्देश्य- अंतराष्ट्रीय स्तर पर तरलता बढ़ाना।
इसे paper gold भी कहा जाता है।