भारतीय संविधान
संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11माह18दिन लगा था।
प्रारुप पर 114 दिन बहस हुई थी।
कुछ अन्नुछेदों को 26 नवम्बर 1949 को लागू किया गया।
26 जनवरी 1950 कोपूरी तरह लागू हुआ क्योंकि 26
जनवरी 1930 को कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी।
संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई। इसी दिन डा राजेंन्द्र प्रसाद को पहला राष्ट्रपति चुना गया।
संविधान की मूल कापियां दो भाषाओं में लिखी गयी थीं...
हिन्दी और अंग्रेजी 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संसद के सेंट्रल हाल में दोनों प्रतियों पर हस्ताक्षर किये थे। इस हाल को उस समय कांस्टीट्यूशन हाल के नाम से जाना जाता था।
दुनिया का सबसे बड़ा हस्तलिखित संविधान है।
प्रेम बिहारी नारायण रायजादा नें लिपिबध्द किया था।इन्होंनें होल्डर और निब की सहायता से इटैलिक स्टाइल में कैलिग्राफी के साथ संविधान को लिखा।
यह देहरादून में छपा और सर्वे आफ इंडिया नें फोटोग्राफ किया। शांति निकेतन के कलाकारों नें सजाया था,आचार्य नन्दलाल बोस के निर्देशन में।
प्रस्तावना के पृष्टों को बी राम मनोहर सिन्हा नें सजाया था।मूल प्रतियां संसद के पुस्तकालय में हीलियम से भरे पात्रों में रखा गया है।
संविधान के पहले ड्राफ्ट के तैयार होने के बाद इस पर बहस हुई और 2000 संशोधन के बाद मूल संविधान सामनें आया।
संविधान सभा के कुल 11 सत्र हुए आखिरी सत्र 14 से 26 नवम्बर 1949 तक चला। 26 नवम्बर को इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार हुआ।
संविधान पौराणिक अराध्यों का भी जिक्र किया गया है।
भगवान राम, कृष्ण और शिव को भी चित्रित किया गया है। इसके साथ ही उपदेश देते भगवान बुद्ध को भी शामिल किया गया है।
संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11माह18दिन लगा था।
प्रारुप पर 114 दिन बहस हुई थी।
कुछ अन्नुछेदों को 26 नवम्बर 1949 को लागू किया गया।
26 जनवरी 1950 कोपूरी तरह लागू हुआ क्योंकि 26
जनवरी 1930 को कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी।
संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई। इसी दिन डा राजेंन्द्र प्रसाद को पहला राष्ट्रपति चुना गया।
संविधान की मूल कापियां दो भाषाओं में लिखी गयी थीं...
हिन्दी और अंग्रेजी 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संसद के सेंट्रल हाल में दोनों प्रतियों पर हस्ताक्षर किये थे। इस हाल को उस समय कांस्टीट्यूशन हाल के नाम से जाना जाता था।
दुनिया का सबसे बड़ा हस्तलिखित संविधान है।
प्रेम बिहारी नारायण रायजादा नें लिपिबध्द किया था।इन्होंनें होल्डर और निब की सहायता से इटैलिक स्टाइल में कैलिग्राफी के साथ संविधान को लिखा।
यह देहरादून में छपा और सर्वे आफ इंडिया नें फोटोग्राफ किया। शांति निकेतन के कलाकारों नें सजाया था,आचार्य नन्दलाल बोस के निर्देशन में।
प्रस्तावना के पृष्टों को बी राम मनोहर सिन्हा नें सजाया था।मूल प्रतियां संसद के पुस्तकालय में हीलियम से भरे पात्रों में रखा गया है।
संविधान के पहले ड्राफ्ट के तैयार होने के बाद इस पर बहस हुई और 2000 संशोधन के बाद मूल संविधान सामनें आया।
संविधान सभा के कुल 11 सत्र हुए आखिरी सत्र 14 से 26 नवम्बर 1949 तक चला। 26 नवम्बर को इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार हुआ।
संविधान पौराणिक अराध्यों का भी जिक्र किया गया है।
भगवान राम, कृष्ण और शिव को भी चित्रित किया गया है। इसके साथ ही उपदेश देते भगवान बुद्ध को भी शामिल किया गया है।